उत्तराखंड सामान्य ज्ञान (Uttarakhand GK): प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विस्तृत नोट्स
उत्तराखंड, जिसे ‘देवभूमि’ के नाम से जाना जाता है, हिमालय की गोद में बसा भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पवित्र तीर्थ स्थलों और वीर गाथाओं के लिए प्रसिद्ध यह राज्य प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आप UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police या किसी भी राज्य स्तरीय सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके लिए एक ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ साबित होगा। इसमें हमने उत्तराखंड के भूगोल, इतिहास, राजनीति और अर्थव्यवस्था को गहराई से कवर किया है।
उत्तराखंड: एक परिचय (Introduction to Uttarakhand)
उत्तराखंड राज्य का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश के 13 पहाड़ी जिलों को अलग करके किया गया था। यह भारतीय गणतंत्र का 27वां राज्य बना। प्रारंभ में इसका नाम ‘उत्तरांचल’ था, लेकिन जनभावनाओं को देखते हुए 1 जनवरी 2007 को इसका नाम बदलकर ‘उत्तराखंड’ कर दिया गया।
प्रशासनिक ढांचा और प्रतीक
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थापना दिवस | 9 नवंबर 2000 |
| राजधानी | देहरादून (शीतकालीन), गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन) |
| कुल जिले | 13 |
| मंडल | 2 (गढ़वाल और कुमाऊँ) |
| राजकीय पक्षी | मोनाल |
| राजकीय पशु | कस्तूरी मृग |
| राजकीय वृक्ष | बुरांश |
| राजकीय पुष्प | ब्रह्मकमल |
उत्तराखंड का भूगोल (Geography of Uttarakhand)
भौगोलिक दृष्टि से उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है जिसका लगभग 86% भाग पर्वतीय है। इसका कुल क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किलोमीटर है। उत्तराखंड की सीमाएं उत्तर में तिब्बत (चीन) और पूर्व में नेपाल के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाती हैं। दक्षिण में यह उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम में हिमाचल प्रदेश से सटा हुआ है।
पर्वत और चोटियाँ
उत्तराखंड में हिमालय की सबसे ऊँची चोटियाँ स्थित हैं। राज्य की सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी (7817 मीटर) है। अन्य प्रमुख चोटियों में कामेट, त्रिशूल, बद्रीनाथ, केदारनाथ और चौखंबा शामिल हैं।
नदियाँ और जल तंत्र
उत्तराखंड को ‘नदियों का मायका’ कहा जा सकता है। यहाँ से भारत की दो सबसे पवित्र नदियाँ, गंगा और यमुना, निकलती हैं।
- भागीरथी (गंगा): उत्तरकाशी जिले के गोमुख (गंगोत्री ग्लेशियर) से निकलती है।
- अलकनंदा: सतोपंथ ग्लेशियर से निकलती है और देवप्रयाग में भागीरथी से मिलकर ‘गंगा’ कहलाती है।
- यमुना: यमुनोत्री ग्लेशियर (बंदरपूंछ चोटी) से निकलती है।
- काली (शारदा): यह नदी उत्तराखंड और नेपाल के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (History of Uttarakhand)
उत्तराखंड का इतिहास पौराणिक काल से शुरू होता है। स्कंद पुराण में गढ़वाल क्षेत्र को ‘केदारखंड’ और कुमाऊँ क्षेत्र को ‘मानसखंड’ कहा गया है।
प्रमुख राजवंश
- कुणिंद वंश: उत्तराखंड पर शासन करने वाली पहली राजनीतिक शक्ति।
- कत्यूरी राजवंश: उत्तराखंड का प्रथम ऐतिहासिक राजवंश माना जाता है। इनकी राजधानी कार्तिकेयपुर (जोशीमठ) थी।
- चंद वंश: कुमाऊँ क्षेत्र में चंद राजाओं का शासन रहा, जिनकी राजधानी अल्मोड़ा थी।
- पवार (परमार) वंश: गढ़वाल क्षेत्र में इनका शासन था। राजा अजयपाल ने 52 गढ़ों को जीतकर एकीकृत गढ़वाल की स्थापना की थी।
गोरखा और ब्रिटिश शासन
1790 में गोरखाओं ने कुमाऊँ और 1804 में गढ़वाल पर कब्जा कर लिया। गोरखा शासन को उत्तराखंड के इतिहास में ‘गोरख्याली’ (अत्याचारी शासन) कहा जाता है। 1815 में ‘सुगौली की संधि’ के बाद यहाँ ब्रिटिश शासन स्थापित हुआ।
प्रसिद्ध तीर्थ स्थल और पर्यटन (Tourism and Pilgrimage)
उत्तराखंड को ‘चार धामों’ का घर कहा जाता है।
- चार धाम: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ।
- पंच प्रयाग: विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग।
- प्रमुख हिल स्टेशन: नैनीताल, मसूरी, अल्मोड़ा, रानीखेत और कौसानी (कौसानी को महात्मा गांधी ने ‘भारत का स्विट्जरलैंड’ कहा था)।
कला, संस्कृति और त्यौहार
उत्तराखंड की संस्कृति यहाँ की पहाड़ियों की तरह ही सरल और सुंदर है। यहाँ के लोक गीतों में ‘झुमैलो’, ‘थड्या’ और ‘चांचरी’ प्रमुख हैं।
- कुंभ मेला: हरिद्वार में प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होता है।
- नंदा देवी राजजात यात्रा: प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होने वाली विश्व की सबसे लंबी पैदल धार्मिक यात्रा (लगभग 280 किमी)।
- हरेला: कुमाऊँ क्षेत्र का प्रमुख त्यौहार जो पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है।
अर्थव्यवस्था और कृषि
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, पर्यटन और जल विद्युत ऊर्जा पर आधारित है। इसे ‘ऊर्जा प्रदेश’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- प्रमुख फसलें: मडुवा (रागी), झंगोरा, गेहूँ और चावल।
- उद्यानिकी: उत्तराखंड को ‘फलों का कटोरा’ भी कहा जाता है, विशेषकर सेब, लीची (देहरादून) और आड़ू के लिए।
- टीहरी बांध: भागीरथी नदी पर स्थित यह बांध भारत का सबसे ऊँचा बांध है।
FAQ Section: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. उत्तराखंड का राजकीय खेल क्या है?
उत्तराखंड का राजकीय खेल फुटबॉल है, जिसे 2011 में घोषित किया गया था।
2. ‘चिपको आंदोलन’ की शुरुआत कहाँ से हुई थी?
चिपको आंदोलन की शुरुआत 1974 में चमोली जिले के रेणी गांव से हुई थी, जिसका नेतृत्व गौरा देवी ने किया था।
3. उत्तराखंड में कुल कितनी लोकसभा सीटें हैं?
उत्तराखंड में कुल 5 लोकसभा सीटें और 3 राज्यसभा सीटें हैं। विधानसभा सीटों की संख्या 70 है।
4. फूलों की घाटी (Valley of Flowers) कहाँ स्थित है?
फूलों की घाटी चमोली जिले में स्थित है। इसे 2005 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
5. उत्तराखंड की दूसरी आधिकारिक भाषा कौन सी है?
उत्तराखंड की पहली आधिकारिक भाषा हिंदी है और 2010 में संस्कृत को दूसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया।
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Conclusion
उत्तराखंड न केवल अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जाना जाता है, बल्कि इसका शैक्षणिक और प्रशासनिक महत्व भी बहुत अधिक है। Uttarakhand GK Notes के माध्यम से हमने राज्य के उन सभी पहलुओं को छूने की कोशिश की है जो परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। चाहे वह नदियों का संगम हो, हिमालय की चोटियाँ हों या प्राचीन राजवंश, इन तथ्यों पर पकड़ बनाना आपकी सफलता के लिए अनिवार्य है। देवभूमि की इस यात्रा को अपनी पढ़ाई का हिस्सा बनाएं और निरंतर अभ्यास करते रहें।
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